Mission Mission Aditya –L1

Mission Aditya –L1 :

भारतने चंद्रयान 3 से चाँद पर पैर रखा और एक नया विक्रम बना दिया | दुनिया का चौथा चाँद पर जानेवाला और चाँद के दक्षिण ध्रुव पर जो चाँद की डार्क साइड है वहाँ जानेवाला दुनिया का पहला देश बन गया | जिस मिशन पर भारत सहित पूरी दुनिया की नजरे लगी थी, आखिर वो पूरा हो गया | इस मिशन की कामयाबी का सेलिब्रेशन चल ही रहा था की, भारत की अंतराल संशोधन संस्था ISRO ने Mission Aditya –L1 इस सुरज के मिशन की घोषणा की | यह पूरी तरह स्वदेशी मिशन है | Mission Aditya –L1 के लिए अंदाजन 456 करोड़ रूपये तक का खर्चा आएगा | और यह मोहिम अगले 5 साल तक मतलब 2028 तक काम करेंगी |

चाँद मिशन के तुरन्त बाद किये इस मोहिम की घोषणा से पूरी दुनिया को चोंका दिया है |

Mission Aditya –L1 मिशन कब होगा शुरू

पहले मंगल मिशन को सफलता से पूरा करने के बाद अब चंद्रयान 3 भी सफल हो गया | इस सफलता के बाद सूरज की मोहिम को इस्रो ने हाथ में लिया है | ISRO के मुताबिक़ Mission Aditya –L1  2 सितंबर को लॉन्च हो जायेगा |

Mission Aditya –L1 को विस्तृत रूप से जानेंगे |

  • Mission Aditya –L1 का मतलब ‘आदित्य लांग्रेंज वन’ है | ‘लांग्रेंज’ यह पृथ्वी और सूरज के बीच का पॉइंट है | इस पॉइंट की खोज फ्रेंच गणितज्ञ जोसेफ लांग्रेंज ने 1772 में की थी, इस लिए इसे लांग्रेंज पॉइंट कहा जाता है |
  • लांग्रेंज पॉइंट पृथ्वी से 1.5 दसलक्ष किमी. अंतर पर है, और यहाँ से सूरज का अभ्यास किया जायेगा |
  • Mission Aditya –L1 के यान में 7 पेलोड है, उनमे से 4 पेलोड सीधा सूरज का अध्ययन करेंगे और बचे 3 पेलोड लांग्रेंज पॉइंट पर गिरने वाले सौर कण और सतह का अभ्यास करेंगे |
  • इसके साथ सूरज मिशन यान में एच डी कैमरे भी लगे होंगे, जो तस्बीरे खिचेंगे और इस तस्बीरों से सूरज की जाँच करने में मदद मिलेगी |

Mission Aditya –L1 सूरज पर कौन सी खोज करेगा ?

  • भारत का सूरज मिशन एक महत्वपूर्ण मिशन है | इस मिशन में हम सूरज पर आने वाले तूफान (सौर तुफान) का अभ्यास करेंगे |
  • सूरज की किरणों के साथ जो ज्वाला निकलती है इसका स्त्रोत कैसे काम करता है, इसका अध्ययन भी इस मिशन में किया जायेगा |
  • सूरज अंदर से बहुत ही गर्म होगा | क्यों की बाहर की सूरज की किरने ही इतनी गर्म होती है | इसलिए सूरज के बाहरी सतह की जाँच इस मिशन के साथ होगा | जिससे सूरज की बनावट और रचना की जानकारी मिलेगी |
  • सूरज पृथ्वी से बहुत विशाल है, इसका पृथ्वी समेत सभी ग्रहों पर परिणाम होता है | सूरज पर होनेवाली गतविधियोंका पृथ्वी पर क्या परिणाम होता है इसका भी इस मिशन के जरिये अध्ययन किया जायेगा |

इस सूर्य मिशन में आनेवाली चुनौतिया

  • सूरज की तीव्र गर्मी

सूरज गर्मी का एक असीम स्त्रोत है, सूरज से लगातार आग की किरणे निकलती ही रहती है | पृथ्वी इतने दूर होते हुए भी यहाँ पर सूरज के गर्मी का असर दीखता है, इस हिसाब से यह मिशन सूरज के पास जाकर करना है इस लिए इस में शामिल यान को सूरज की तीव्र गर्मी का सामना करना पड़ेगा|

  • सौर तुफान

सूरज के आसपास कई बार सौर तुफान चलते रहते है | और इस सौर तुफान में सूरज की गर्मी काफी बढ़ जाती है | यह सौर तुफान भी इस मिशन में कठनाई पैदा करेगा |

  • जानलेवा किरने

सूरज से तीव्र गर्मी के साथ साथ जानलेवा किरने भी निकलती है, जो पृथ्वी पर भी काफी असर करती है, यह किरने बहुत खतरनाक होती है |

इसके साथ और भी कोई छोटी मोटी चुनौतिया इस मिशन में है, मगर इस Mission Aditya –L1 यान को इस चुनौतियों को पार करने के हिसाब से ही बनाया गया है |

Mission Aditya –L1 यह भारत की एक महत्वपूर्ण मोहिम है, क्यों की सूरज के पास जाकर इसका अध्ययन करना काफी मुश्किल बात है | बड़े बड़े देश इस मिशन को पूरा नहीं कर पाते, मगर भारत ने इसके पहले भी कई मिशन जो भारत के लिए बिलकुल नए थे वो दुसरे देशों के मुकाबले कम खर्चे में सफलतापूर्वक पुरे किये है | इस को ध्यान में रखते हुए भारत ने इस सूर्य मिशन के लिए कम बजेट (456 करोड़ रूपये) लगाया है |

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