Independence Day

१५ अगस्त स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) –

१५ अगस्त को स्वतंत्रता  दिन (Independence Day) मनाया जाता है | आज ही के दिन १९४७ में हमने अंग्रेजों की गुलामी से आजादी पायी थी | इसको पाने के लिए कई ने लड़ाई लड़ी, कई लोगों ने अपनी जान दी, किसी को फांसी दी गयी | कोई भूमिगत तारिकेसे तो कोई सामने की लड़ाई लड़ रहा था | कोई राजनीती के जरिए, तो कोई लड़ाई के जरिए अपनी अपनी लड़ाई लड़ रहा था | और आख़िरकार १५ अगस्त १९४७ को वो दिन (Independence Day) आ ही गया, जब देश को आजादी मिल गयी | मगर इस आजादी के साथ साथ अंग्रेज हमारे देश का बटवारा कर के चले गए | और एकसंध भारत देश दो हिस्सों में बाँट गया | उस वक्त कांग्रेस और मुस्लिम लीग दो राजनैतिक पार्टी मौजूद थी, जिसमे से मुस्लिम लीग बटवारा चाहती थी और वो इस बात के लिए ही आजादी की लड़ाई में शामिल हुई थी | इस बात का फायदा अंग्रेजों ने उठाया और एक देश को दो हिस्सों में बाँट दिया | भारत के बटवारे के बाद ही कुछ ही दिनों में पाकिस्तान जो भारत से ही बना था, उसने जम्मू कश्मीर पर हमला कर दिया, जो एक अलग रियासत थी | मगर जम्मू कश्मीर का राजा अपनी रियासत को पाकिस्तान में शामिल करना नहीं चाहता था | इसलिए उसने जम्मू कश्मीर को बचाने के लिए उसको भारत में शामिल करने का फैसला किया | कानूनी दस्तावेज़ के साथ जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया | और उसके बाद भारतीय फ़ौज ने पाकिस्तानी फ़ौज को वहाँ से भगा दिया | इस प्रकार आजादी के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान की विस्तारवादी निति के कारण भारत पर एक जंग थोप दी गयी | इसमें भारत जीत गया, पर भारत का कुछ हिस्सा अभी भी उनके कब्जे में है |  इस ७७ वे स्वतंत्रता दिन के (Independence Day) अवसर पर हम भारत के बारे में ऐसी बातें जानेंगे जो इसे महान और आधुनिक बनाती है |

आजादी के बाद (Independence Day) भारत की तरक्की क्यों धीरे धीरे हो रही थी ?

  • असंख्य जनसख्या –

भारत के बटवारे के बाद पाकिस्तान में ज्यादातर मुस्लिम ही गए थे, उसके उल्टा हिंदुस्तान में हिन्दू समेत मुस्लिम और बचे सारी जनजाति के लोग रह रहे थे | इसके साथ साथ पास के कुछ देश यह पर अतिक्रमण, घूसपैठ भी होती थी, इसलिए इस विशाल जनसंख्या को पालने के लिए देश पर तनाव बढ़ रहा था |

  • बटवारे में मिले कम संसाधन –

भारत को बटवारे में पाकिस्तान से कम संसाधन मिले थे | अंग्रेजों ने यहाँ पे रेल का जाल बिछाया था, वो भी दोनों में समान रूप से बाटे गए | और औद्योगिक संसाधन भी पाकिस्तान को प्रतिशत के रूप में ज्यादा ही मिला था, और उपजाऊ जमीन थी, उनको ही ज्यादा मिली थी |

  • जबरन थोपी गयी जंग –

आजादी के कुछ दिन बाद ही पाकिस्तान ने भारत से पहली जंग कर ली | उससे उभरते ही १९६२ को चीन ने भी जंग कर दी | इसमें हमारे पास आधुनिक जंग के साधन नहीं थे, और मुख्य रूप से ऐसी बड़ी जंग का अनुभव भी नहीं था, इसलिए हम ये जंग हार गए | इसके बाद १९६५ को पाकिस्तान ने फिर हमसे दूसरी जंग की, उसमे भी वो हर गए | १९७१ में पाकिस्तान ने भारत के साथ तीसरी जंग की और हार गया और एक नए देश ने जन्म लिया | जिसे बांग्लादेश कहते है | इसके बाद पाकिस्तान ने कारगिल में भारत के खिलाफ इक एक और युद्ध किया, और इसमें भी वो हार गया | मगर भारत की कोई भी इच्छा ना होते हुए भी भारत पर छोटे मोटे पांच युद्ध थोपे गए | इसलिए देश की तरक्की में काफी रूकावटे आती गयी |

  • रूपये का घटता मूल्य –

अमेरिका जैसे कुछ राष्ट्र उसी समय में किसी भी देश को कुछ नियम और शर्तो को मानकर कर्ज दिया करते थे | वैसे ही भारत की स्थिति तो आजादी के बाद काफी ख़राब थी, तो वो अमेरिका से कर्ज लिया करता था | मगर हर बार अमेरिका कर्ज के बदले में हमारे रुपये की कीमत कम करता था, इससे ये होता था की जो चीज हमें कुछ रूपये में मिल जाती थी, वो इसके बाद और रूपये देकर खरीदना पड़ती थी | ऐसे कुल तीन बार रुपये का अवमूल्यन किया गया | और महंगाई बढती गई |

  • देशांतर्गत लड़ाइयां –

आजादी के बाद कुछ लोग खुश नहीं थे, उनको इस देश में राहना नहीं था, इसलिए आए दिन कही ना कही दंगे चलते थे, और इनको सँभालने के लिए कई दिन चले जाते थे |

अब तक भारत ने किस क्षेत्र में विशेष प्रगती की –

आजादी के बाद देश में कई कठनाईया थी | प्रगती में रूकावटे थी | मगर उन सब पर मात करके भारत ने प्रगती कर ली है |

  • अवकाश संशोधन –

भारत की अवकाश संशोधन संस्था इसरो (ISRO) इसकी स्थापना १९६९ को हुई और १९७५ को हमारा पहला उपग्रह “आर्यभट” को हमने लॉच किया | यह हमने रशिया की मदद से किया था | उस वक्त कई देश हमें ये तकनिकी (तंत्रज्ञान) नहीं दे रहे थे | पर आज वही देश अपने उपग्रहों को भारत की मदद से आकाश में पहुंचा रहे है | अब भारत एक साथ कई उपग्रह एकसाथ आकाश में पहुंचा सकता है, और वो भी कम खर्च में | पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर जाने का सन्मान भी हमारे पास है | उसके साथ साथ हमने चंद्र पर जा पहुंचे है | इसलिए हमने चन्द्रयान ३ (Chandrayaan 3) मिशन लॉच किया है | आज अवकाश संशोधन में भारत की इसरो (ISRO) यह संस्था चौथे नंबर पर आती है |

  • इंटरनेट की शुरुवात –

आज इंटरनेट के सिवा कुछ भी काम नहीं हो सकता | मगर इसकी नीव १९८६ में राखी गयी थी, उस वक्त सिर्फ संशोधन कार्य के लिए इसका उपयोग होता था | उसके बाद १९९५ में इसे आम लोगों के लिए खुला कर दिया | और आज इसका महत्त्व तो आप सभी जानते ही है |

  • माहिती तंत्रज्ञान (Information Technology)

इंटरनेट की वजह से इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में भारत बहुत आगे बढ़ गया है | पूरी दुनिया में सिर्फ भारत ही सबसे ज्यादा सॉफ्टवेअर बेचता है | और दुनिया की बड़ी से बड़ी टेक (Tech) कंपनी के सीईओ भारतीय मूल के है | आज कोई भी बड़ी कपनी को अपनी कंपनी चलाने के लिए भारतीय की जरुरत पड़ती है |

  • आर्थिक रूप से कई ऊपर –

आजादी के बाद हमारी स्थिति ख़राब थी, मगर हमने विज्ञान और तंत्रज्ञान की मदद से आज काफी तरक्की कर ली है | जीडीपी के लिहाज से हमारी इकोनोमी ५ वे नंबर पर आती है (३.७ ट्रिलियन डॉलर)|

  • संरक्षण विभाग –

आजादी के बाद कई बार हमें ना चाहते हुए भी जंग करनी पड़ी | और इस जंग में नुकसान भी हुआ | ऐसेही आगे कोई जंग हो तो हमें तैयार रहना चाहिए इसलिए भारत ने अपने सरक्षण क्षेत्र को काफी बढ़ावा दिया है | और आधुनिक रूप से भी तैयार किया है | इसमें से कई युद्ध संसाधन वो अब अपने देश में ही बना रहा है | एक परमाणु शक्ति से संपन्न देश है, पर हम इसको युद्ध के लिए ना इस्तेमाल करते हुए अपनी जरुरत पूरी करने के लिए (बिजली पैदा करने के लिए अणुभट्टी) लगाते है |

आज के आधुनिक भारत ने दुनिया को क्या दिया –

ये सब तो हमने अपने खुद के लिए, अपनी तरक्की के लिए किया है, मगर हमने कुछ ऐसी खोज की है जिसका उपयोग पूरी दुनिया कर रही है |

  • “0” की खोज
  • USB (युनिवर्सल सिरिअल बस )
  • ई – मेल
  • पेड़ सजीव (पेड़ में जीवन होता है |
  • आयुर्वेद
  • शतरंज (बुद्धिबल)
  • योगा
  • प्लास्टिक सर्जरी
  • चंद्र पर पानी का अस्तिस्त्व
  • UPI – डिजिटल पेमेंट सिस्टम

इसके साथ शर्ट का बटन, नहाने का शाम्पू, वायरलेस कम्युनिकेशन जैसे कई खोज भारत ने की | और इसका फायदा पुरी दुनिया को हो रहा है |

आज का ७७ वा स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) इसलिए खास है की, एक अविकसित देश होते हुए भी, एक विशाल जनसंख्या को साथ लेकर चलते चलते भी हमारा देश आज बहुत आगे पहुच चूका है | इतनी मुश्किलें आयी पर आज २०२३ के स्वतंत्रता दिन पर (Independence Day) हम एक आधुनिक और महान देश कहलाते है इसके बावजूद भी हमने अपनी संस्कृती को भुला नहीं है | यही हमारे प्रगती को दर्शाता है |

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