Chandrayaan 3 Mission Successful

Chandrayaan 3 Mission Successful

‘Chandrayaan 3’ की वजह से आज का दिन हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण दिन था | हमारे देश के साथ साथ पूरी दुनिया की ऑंखें इस मिशन पर टिकी हुई थी | आज २३ अगस्त को शाम ०६ बजकर ०४ मिनिट पर भारत का चंद्रयान 3 मिशन सफलतापूर्वक चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग हो गया | और चाँद पर उतरतेही देश ने एक नया इतिहास बना दिया | चाँद पर सफलतापूर्वक पहुँचने वाला रशिया, अमेरिका, चीन के बाद चौथा देश बन गया | इस के साथ भारत दक्षिण ध्रुव पर (South Pole) पहुँचने वाला पहेला देश बन गया | चाँद के दक्षिण ध्रुव पर (South Pole) पर उतरना काफी मुश्किल बात है, और इसपर सफलतापूर्वक उतरने का अनुभव किसी भी देश के पास नहीं था | फिर भी हमारे देश ने यह करके दिखाया | इससे हमारे देश के अंतरिक्ष संशोधन में आगे काफी प्रगती होने की आशा है |

इससे पहले १० अगस्त को रशिया ने अपना यान ‘लूना २५’ चाँद पर भेजा था, जो १९ अगस्त को तकनिकी खराबी के कारण चाँद पर क्रैश हो गया | यह मिशन रशिया का लगभग ५० साल बाद हुआ था | आधुनिक तकनीक होने के कारण भी रशिया का यह मिशन फेल हो गया | चाँद पर वक्त से पहले पहुँचने की वजह से यान की गति बढ़ा दी गयी और गति ज्यादा होने के कारण यह ‘लूना २५’ क्रैश हो गया | इस असफलता के कारण भारत जो रशिया से बहुत दिन पहले चाँद पर पहुचने निकला था, उसके ‘चंद्रयान ३’ (Chandrayaan 3) मिशन के सफलता पर भी अब खतरा दिख रहा था | क्यों की चाँद पर वातावरण ना के बराबर होने के कारण वहाँ पे चट्टानें और गड्डे की जाँच करना मुश्किल होता है, इनकी सही सही जाँच करके ही लैंडिंग करना सही होता |

भारत ने इससे पहले भी चंद्रयान मिशन किया है, और इसमें कुछ हद तक असफल भी हुआ था | भारत ने पहला चंद्रयान मिशन लॉन्च किया था, जिसकी वजह से हमने दुनिया में पहली बार पानी का अस्तित्व चाँद पर ढूढा था | दूसरा चंद्रयान २ मिशन जो कुछ हद तक कामयाब था, मगर इसका मुख्य उद्देश्य चाँद पर सफलतापूर्वक उतरना था, मगर उतरने से पहले ही वह क्रैश हो गया |

कैसा रहा ‘चंद्रयान ३’ (Chandrayaan 3) का ४० दिन का सफ़र ?

कैसे बीते चाँद पर लैंडिंग से पहले के महत्वपूर्ण २० मिनिट ?

२३ अगस्त शाम को ०५:४४ बजे ‘चंद्रयान ३’ (Chandrayaan 3) लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू हो गयी | ०६:०४ बजे चाँद पर सफलता से लैंडिंग हो गयी | मगर इसमें बहुत ही खतरा था | क्यों की चाँद पर धुल मिट्टी के बड़े बड़े ढेर थे और वो बिखरे हुए थे | इसलिए लैंडर को धुल मिट्ठी स्थिर होने तक प्रतीक्षा करनी पड़ी | इसके बाद लैंड करने के बाद रैंप के जरिये रोव्हर ‘प्रज्ञान’ बाहर आ गया | और लैंडर ‘विक्रम’ और रोव्हर ‘प्रज्ञान’ एक दुसरे के आमने सामने आ गए | और इसके साथ सफलता से ‘चंद्रयान ३’ (Chandrayaan 3) की चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग हो गयी | इसके साथ ही पुरे देश का सपना जो कुछ साल पहले टुटा था वो आज पूरा हो गया |

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